खोयी या चोरी हुई वस्तु मिलेगी या नहीं, जानें प्रश्न कुण्डली से

Posted by 4Remedy 14/11/2015 0 Comment(s) Astrology,Vastu,Hindi Quotes,

प्रश्न कुण्डली से तमाम ऐसे सवालों के जवाब हासिल किए जा सकते हैं, जिनका समाधान सामान्य प्रचलित सिद्धांतों से संभव नहीं होता। यथा, कार्य सिद्धि, कार्य सिद्धि का समय, विवाह तय होगा या नहीं, विवाह तय होने की दिशा, वर अथवा वधु पक्ष की हैसियत, मुकदमें में जीत अथवा हार, नौकरी मिलेगी या नहीं.............. आदि आदि। इसी क्रम में ये भी जानना रोचक है कि प्रश्न कुण्डली के माध्यम से चोरी गयी वस्तु मिलेगी अथवा नहीं, किसने चोरी की यानि चोर घर का व्यक्ति है अथवा बाहर का, चोरी की दिशा आदि का स्पष्ट संधान किया जा सकता है।

 

अब मान लिया कोई इंसान जिसके घर में कीमती और बहुमूल्य वस्तुओं की चोरी हो गयी है, वह यदि प्रश्नकर्ता की हैसियत से प्रश्न ज्योतिष विशेषज्ञ के पास आता है और सविनय अनुरोध करता है कि उसके घर में हुई चोरी की घटना में उसकी सहायता करने की कृपा करें तो ऐसे में प्रश्न ज्योतिर्विद उसके प्रश्न पूछने के वक्त को नोट कर उसके आधार पर प्रश्न कुण्डली का निर्माण कर लेता है।

 

इसके पश्चात वह लग्नादि ग्रहों की विवेचना करते हुए चोरी गयी वस्तु और उस घटना से संबंधित सभी विवरणों की समीक्षा करता है तत्पश्चात वह अपना निष्कर्ष सामने रखता है।  

 

प्रश्न ज्योतिर्विद प्रश्न कुण्डली के लग्न से प्रश्नकर्ता का, चंद्र से चोरी हुई वस्तु  का, चतुर्थ भाव से चोरी हुई वस्तु और उसकी पुनः प्राप्ति का, सप्तम भाव से चोर का, अष्टम भाव से चोर द्वारा जमा धन का तथा दशम भाव से पुलिस या सरकार का विचार करता है। चोरी हुई वस्तु के मिलने के योग तब बनते हैं जबकि लग्नेश सप्तम में और सप्तमेश लग्न में हो। लग्नेश और सप्तमेश का सप्तम स्थान में इत्थशाल हो। लग्नेश और दशमेश का इत्थशाल हो। तृतीयेश या नवमेश का सप्तमेश से इत्थशाल हो। चंद्र जिस राशि में स्थित हो उसका स्वामी चंद्रमा को पूर्ण मित्र दृष्टि से देख रहा हो। या फिर सूर्य और चंद्र दोनों लग्न को देखते हों। शुभ ग्रहों का चंद्र से इत्थशाल हो और चंद्र, लग्न या धन स्थान में हो। अष्टमेश अष्टम या सप्तम स्थान में हो। सप्तमेश और सूर्य चंद्र के साथ अस्त हों।

 

तृतीय स्थान में पापग्रह और पंचम स्थान में शुभ ग्रह हों तो चोर स्वयं धन वापस कर देता है। तुला, वृष या कुंभ लग्न में चोरी का सामान निश्चित रूप से मिल जाता है।

 

किंतु यदि लग्नेश और द्वितीयेश में इत्थशाल न हो तो ऐसे में चोरी हुई वस्तु की सूचना मिल जाने के बावजूद वह वस्तु वापस पाने की संभावना क्षीण होती है।

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