यदि हमेशा फिट रहना चाहते हैं तो घर में लगाएं यह 5 पौधे

Posted by 4Remedy 13/11/2015 0 Comment(s) Health,Hindi Quotes,

प्रकृति
जब विज्ञान नहीं था तो क्या लोगों की बीमारियों का इलाज नहीं होता था? तब क्या लोग बीमार नहीं पड़ते थे? तब बड़ी-बड़ी बीमारियों को काटने की औषधि नहीं बनती थी क्या? जरूर बनती थी... और यह सब कार्य उस समय प्राकृतिक तरीकों से किए जाते थे, जिसे आज का युग दरकिनार कर चुका है।

शारीरिक समस्याओं का समाधान
प्रकृति ने हमें इतना कुछ दिया है कि हम अपनी हर शारीरिक समस्या का समाधान उसमें पा सकते हैं। जड़ी-बूटियां, पेड़-पौधे, यह सब वह चीज़ें है जिनके प्रयोग से फायदेमंद औषधियां तैयार की जा सकती हैं। लेकिन इन्हें कोई इस्तेमाल ही नहीं करना चाहता..

इनका इस्तेमाल करें
क्योंकि मॉडर्न बन चुकी पीढ़ी को वह दवाएं चाहिए जो पल झपकते ही असर कर दें और रोग को काट दें। लेकिन वे लोग इस बात से अनजान हैं कि ये दवाएं असर तो कर देती हैं लेकिन साथ ही दे जाती हैं कुछ साइड इफेक्ट्स, जो धीरे-धीरे बीमारियां बनाते हैं।

कुछ पेड़-पौधे
आज इस आर्टिकल के जरिए हमारा मकसद आपको ना केवल प्राकृतिक औषधियों का महत्व समझाना है, वरन् साथ ही वे कौन से पेड़-पौधे हैं जिन्हें यदि आप अपने आसपास रखें या उनका रोज़ाना इस्तेमाल करें तो आप कई सारी बीमारियों से बच सकते हैं।

अधिक जगह नहीं घेरते
अच्छी बात तो यह है कि आप इन पेड़-पौधों को अपने घर के भीतर भी उगा सकते हैं। यह पौधे ज्यादा बड़े नहीं होते, अधिक जगह नहीं घेरते और साथ ही महकते भी हैं ताकि घर-आंगन खुशबूदार लगता रहे।

 

तुलसी का पौधा


इस लिस्ट में पहला पौधा है तुलसी का पौधा। यह पौधा आप हर दूसरे हिंदुस्तानी घर में देख सकते हैं। क्योंकि भारत में तुलसी को पूजनीय माना गया है, घर की महिलाएं रोज़ाना सुबह उठकर इस पौधे की पूजा करती हैं। लेकिन उपासना के अलावा इस पौधे के और भी कई सारे गुण हैं।
जैसे कि, क्या आप जानते हैं कि तुलसी का पौधा 3 से 4 फीट से अधिक ऊंचा नहीं होता। ना ही यह घर में उगने के लिए अधिक जगह लेता है, तो इसका मतलब है इसे घर के किसी भी कोने में लगाना आसान है।


पुदीना


पेट की समस्या को छूमंतर करती है पुदीने की पत्तियां। क्या आप जानते हैं कि उपजाऊ मिट्टी में 2 या 3 दिन भी पुदीने का पत्ता रोप दिया जाए, तो वह जल्द ही पौधा बनने लगता है। देखिए कितना आसान है इसे घर में उगाना...

दूसरा फायदा, यह तुलसी के पौधे से भी अधिक महक देता है। तीसरा फायदा, पुदीने की पत्तियों के प्रयोग से यदि आप चटनी बनाएंगे या इसकी पत्तियों को खाने का हिस्सा बनाएंगे, तो पाचन शक्ति मजबूत होती है। साथ ही पेट की गर्मी को भी काटता है पुदीना।


धनिया
किसी भी सब्जी की शोभा को बढ़ाता है उस पर ऊपर से डाला हुआ धनिया.... लेकिन केवल सजावट के लिए नहीं, स्वाद और शारीरिक फायदों के लिए प्रयोग किया जाता है धनिया।
मधुमेह पर कंट्रोल
धनिया में विटामिन ‘ए’ पाया जाता है जो मधुमेह को कंट्रोल करता है। इसके अलावा इसके औषधीय गुण शरीर से थकान को भी मिटाते हैं। क्या आप जानते हैं कि धनिया की डंडी को खाने से थायरॉयड पर भी नियंत्रण पाया जा सकता है। अंत में सबसे बड़ा फायदा यह कि पुदीना की तरह ही धनिया भी जल्द ही उगने लगता है।


करी पत्ता
दक्षिण भारतीय लोग अपनी सेहत को लेकर बेहद संवेदनशील होते हैं। वे कोई ऐसा गलत खाद्य पदार्थ ना खाएं जिससे कि स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव हो, इस बात का पूरा ख्याल रखते हैं। इसलिए उनकी बनाई चीज़ों में प्राकृतिक पत्तियां जरूर दिखाई देती हैं, खासतौर से करी पत्ता तो उनकी पसंद है।


साउथ इंडियन्स की पसंद
कोई सब्जी हो या फिर सांभर की दाल... सबमें करी पत्ते का प्रयोग जरूर करते हैं साउथ इंडियन लोग। और यह करी पत्ता उस विशेष सब्जी के स्वाद को दोगुणा भी कर देता है। लेकिन क्या आप इसके स्वास्थ्य संबंधी फायदे जानते हैं?


लहसुन

इस लिस्ट में आखिरी नंबर पर है लहसुन का पौधा... लेकिन आखिरी नंबर पर होने के बावजूद भी इसके गुण कम नहीं हैं। भोजन में लहसुन का सेवन करने से आप कई रोगों से दूर रह सकते हैं। यह एक किस्म का ब्लड प्योरिफायर है, जिसे खाने से रक्त को साफ किया जा सकता है।
कैंसर पर रोक

इसलिए हमारी सलाह है कि रोज़ाना आप घर में बनने वाली दालों में इसे जरूर प्रयोग करें। साथ ही सब्जियों को तड़का लगाते समय भी लहसुन का प्रयोग सही रहेगा। लहसुन का खाद्य पदार्थों में प्रयोग करने का सबसे बड़ा फायदा है कि यह कभी कैंसर को पनपने नहीं देता।

 

 

 

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