कर्क राशिफल 2016

Posted by 4Remedy 24/12/2015 0 Comment(s) Rashi,

 

   कर्क राशिफल 2016 

कैसा रहेगा आने वाला वर्ष? कौन-कौन से दिन होंगे शुभ? नौकरी मिलेगी या नहीं? लड़की की शादी इस वर्ष होगी या नहीं? ऐसे तमाम सवाल आपके जेहन में अवश्य ही उठ रहें होंगे। तो आइए जानते हैं इन सवालों के जवाब, लेकिन इससे पहले एक नज़र डालते हैं ग्रहों की स्थिति पर। वर्ष की शुरूआत में शनि वृश्चिक के साथ और गुरू सिंह के साथ दिखाई दे रहें हैं। 31 जनवरी तक अपनी वर्तमान स्थान पर रहने के पश्चात् राहु सिंह में जबकि केतु कुम्भ में प्रवेश करेंगे। ग्रहों की बात भी हमलोगों ने कर लिया, चलिए अब जानते हैं उन सवालों के जवाब वैदिक ज्योतिष पर आधारित भविष्यफल के साथ।

पारिवारिक जीवन

मेष राशि के जातकों के लिए वर्ष 2015 का राशिफल। शास्त्रों में शनि को चंद्रमा का सबसे बड़ा शत्रु माना गया है और उनकी इस दुश्मनी का सीधा असर आपके वैवाहिक जीवन पर पड़ रहा है। जीवनसाथी की वज़ह से तो नहीं, लेकिन परिवार के अन्य सदस्यों की वज़ह से घरेलू परेशानियाँ बढ़ सकती हैं। जीवनसाथी के साथ आपका संबंध मधुर रहेगा। हालाँकि परिवारजनों के बीच दूरियाँ बढ़ सकती हैं। अगस्त के बाद स्थितियों में अप्रत्याशित सुधार होगा और प्रियतम के साथ सुनहरा पल व्यतीत होगा। इस माह के बाद दाम्पत्य जीवन में भी मधुरता आएगी।

 

 

स्वास्थ्य

यदि आपके सेहत के सितारों की ओर रूख़ किया जाए तो आँख, पेट, जाँघ और आहार नलिकाओं में कुछ दिक्क़तें आ सकती हैं। अच्छे सेहत के लिए दूषित आहार लेने से परहेज़ करें। ज़्यादा परेशानी होने पर आयुर्वेदिक दवा का सेवन करना उचित होगा। इसके बाद भी दिक्क़त कम नहीं हो रही है तो यह बेहतर होगा कि कोई दूसरा उपाय ढूंढ़ा जाए या चिकित्सक से परामर्श लिया जाए। रोज़ाना एक चम्मच नीम के पत्ते का चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लेने से भी कई बीमारियों से बचा जा सकता है।

 

आर्थिक जीवन

राहु आपके दूसरे भाव में लम्बे समय के लिए प्रवेश कर रहा है और बृहस्पति अगस्त के बाद आगे वाले घर में प्रवेश करेगा। इन दोनों परिस्थितियों में आर्थिक मामलों को लेकर आपको बहुत ज़्यादा सावधानी बरतने की ज़रूरत है। मीठे बातों में न आएँ और किसी के उपर पैसे ख़र्च करने से पूरी तरह से परहेज़ करें। आपके ख़िलाफ़ साजि़श भी रची जा सकती है। इस वर्ष धन प्राप्त होने का प्रबल योग है, अतः घबराएँ नहीं। हालाँकि आपकी कोई भी ग़लत कदम धन-हानि का कारण बन सकता है। अतः पूरी तरह से सतर्कता बरतें वरना कमाई हुई संपत्ति मुफ़्त में गँवानी पड़ सकती है।

 

नौकरी-पेशा

2016 का वर्ष आपको सफलता और प्रतिष्ठा दिलाने वाला होगा। छठे भाव के स्वामी की दृष्टि ख़ुद के घर के साथ-साथ दसवें घर भी है और राहु के साथ इसकी युति भी होने वाली है, जो कुछ परेशानियों को जन्म दे सकती है। परंतु घबराने की कोई बात नहीं है, ऐसा केवल आपके साथ ही नहीं हो रहा है। अधिनस्थों के साथ तर्क-वितर्क हो सकता है, अतः सावधानी बरतें। नई नौकरी के लिए समय उपयुक्त है। कुछ लोगों को पदोन्नती का तोहफ़ा भी मिल सकता है।

 

 

कारोबार

कारोबारियों को इस वर्ष अप्रत्याशित मुनाफ़ा प्राप्त हो सकता है। यदि ख़ुद का कारोबार है तो नाम भी मिलेगा और दाम भी। आपके प्रतिद्वंदी आपकी नक़ल करने की कोशिश करेंगे, लेकिन वे पूरी तरह से विफल रहेंगे। इस समय आपकी सफलता क्रोध और अहंकार को त्यागना में ही है। बृहस्पति की महादशा से गुजर रहेे लोगों को खुब सुख-समृद्धि मिलेगी। अन्य लोगों को भी फ़ायदा होगा, लेकिन कुछ ख़ास नहीं।

 

प्रेम-संबंध

प्यार-मोहब्बत के लिए यह साल सर्वथा अनुकूल है। अधेड़ के साथ प्यार हो सकता है। इसके अलावा भिन्न स्तर के इंसान के साथ भी प्रेम-संबंध पनपने की संभावना है। आपके रिश्ते अधिकांशतः ज़्यादा दिन तक नहीं टिकते हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि शनि आपके आठवें भाव का स्वामी है जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आपके संबंधों को खराब करता है। हालाँकि इस पर ज़्यादा ध्यान देने की ज़रूरत नहीं है। अपने रिश्तों की तरफ़ ध्यान दें और उसे सुदृढ़ बनाने का प्रयास करें।

 

सेक्स लाइफ़

केतु का आठवें घर में प्रवेश करना पुरुष जातकों के लिए जननांग से संबंधित दिक्क़तें खड़ी कर सकता है। महिला जातकों को मासिक धर्म संबंधी परेशानी हो सकती है। लेकिन संबंध स्थापित करने में यह पक्ष बाधक नहीं होगा। अवैध संबंधों के कारण कुछ बीमारियों के होने की संभावना है। यौन सुख पाने की प्रबल इच्छा आपको बेचैन कर सकती है और ग़लत रास्तों पर जाने के लिए भी उत्साहित कर सकती है। हालाँकि आपके लिए यही सही होगा कि ग़लत रास्ते पर जाने से परहेज़ करें।

सावधानी बरतने वाले दिन

 

17 अप्रैल से 29 जून के बीच किसी भी प्रकार के निवेश करने से बचें। दोस्तों और वरिष्ठ अधिकारियों से जुलाई 15 से सितम्बर 6 तक किसी तरह के विवाद करने से बचें। ऐसे लोगों से मुलाक़ात करने से पहले इन तारीखों का विशेष ध्यान रखें। चंद्रमा का सिंह, धनु, कुम्भ और मिथुन में गोचर होने पर ख़ुद को शांत रखें और किसी भी मसले को शांतिपूर्वक निपटाने का प्रयास करें। तुरंत प्रतिक्रिया देने से परहेज़ करें।

उपाय

शनि की महादशा से गुजर रहे लोग हनुमान चालिसा का नियमित पाठ करें। बृहस्पति के महादशा की स्थिति में उपवास करें। बृहस्पतिवार के दिन ब्राह्मण को धन और वस्त्र दान में देने से भी स्थितियों में सुधार हो सकता है। राहु या केतु की महादशा की स्थिति में प्रतिदिन तीन बार देवी कवच का पाठ करें।

 

 

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